वैज्ञानिक खेती से बदली किस्मत, किसान गंगाराम कौशिक ने दोगुना किया धान उत्पादन




 रायपुर। मुंगेली जिले के विकासखंड पथरिया अंतर्गत ग्राम रामबोड़ के प्रगतिशील कृषक श्री गंगाराम कौशिक ने वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर धान उत्पादन में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। परंपरागत खेती में जहां उत्पादन सीमित रहता था, वहीं कृषि विभाग के मार्गदर्शन में उन्नत तकनीकों को अपनाने से उन्हें प्रति एकड़ 22-25 क्विंटल धान का उत्पादन प्राप्त हुआ, जो पहले की तुलना में लगभग दोगुना है। श्री कौशिक के पास कुल 0.848 हेक्टेयर कृषि भूमि है। अधिक उत्पादन और आय बढ़ाने के उद्देश्य से उन्होंने कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री गेंदलाल पात्रे तथा वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री एल. के. कोशले से तकनीकी सलाह ली। 


अधिकारियों के मार्गदर्शन में उन्होंने ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई, बोनी से पूर्व बीज का ट्रायकोडर्मा से उपचार, रोपाई के दौरान हर 12 फीट पर 20 सेमी की पट्टी छोड़ना, तथा हर 15 दिन में नीमेड का छिड़काव जैसी वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाया। इसके साथ ही उन्होंने प्रमाणित बीज, कल्चर का उपयोग, तथा गभोट अवस्था में प्रति एकड़ 02 किलो बोरान और नैनो यूरिया का छिड़काव किया। इन सभी उपायों का सकारात्मक प्रभाव फसल पर स्पष्ट रूप से देखने को मिला। किसान श्री कौशिक ने बताया कि वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने पर न केवल उत्पादन लक्ष्य प्राप्त हुआ, बल्कि लागत के अनुपात में बेहतर लाभ भी मिला, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है। उनकी यह सफलता क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है और यह साबित करती है कि सही तकनीक और मार्गदर्शन से खेती को लाभकारी बनाया जा सकता है।

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