मजदूर दिवस पर मनरेगा कार्यस्थलों में ‘मजदूर सम्मान समारोह’ का हुआ आयोजन

 


श्रमिकों की समस्याओं का हुआ त्वरित निराकरण, लंबित मजदूरी भुगतान मामलों में मौके पर की गई कार्यवाही


रायगढ़ । अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर जिले के सभी मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) कार्यस्थलों में ‘मजदूर सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन के निर्देशन में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले श्रमिकों के प्रति सम्मान प्रकट करना तथा उनकी समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना था। जिले के उन सभी स्थलों पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां वर्तमान में मनरेगा के कार्य संचालित हैं। समारोह के दौरान श्रमिकों का पारंपरिक रूप से तिलक लगाकर एवं पुष्प भेंट कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने श्रमिकों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याओं, मांगों तथा कार्यस्थल से जुड़ी कठिनाइयों को गंभीरता से सुना।

 आजीविका सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका

कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि मनरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत लंबित मजदूरी भुगतान के मामलों का मौके पर ही निराकरण रहा। अधिकारियों द्वारा तत्काल समीक्षा करते हुए आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूर्ण की गई, जिससे श्रमिकों को उनके श्रम का पारिश्रमिक समय पर मिल सके। जिला प्रशासन द्वारा निर्देशित किया गया कि मजदूरी भुगतान में अनावश्यक विलंब को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। समारोह के दौरान श्रमिकों को उनके अधिकारों एवं शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। विशेष रूप से ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण के प्रावधानों से अवगत कराते हुए बताया गया कि यह मिशन ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और आजीविका सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

अधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि श्रमिक समाज की आधारशिला हैं और उनके श्रम से ही विकास की गति संभव होती है। शासन की प्राथमिकता है कि प्रत्येक श्रमिक को समय पर कार्य उपलब्ध हो, उचित पारिश्रमिक मिले और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। जिलेभर में आयोजित इन समारोहों से श्रमिकों में उत्साह का माहौल देखा गया। इस पहल से न केवल श्रमिकों का मनोबल बढ़ा है, बल्कि शासन और प्रशासन के प्रति उनका विश्वास भी और अधिक सुदृढ़ हुआ है।

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