- मैं तो सपनों का सौदागर हूँ, दिन में भी सपना देखता हूँ, मेरा सपना यही है कि, विदिशा जिले का हर गाँव गरीबी मुक्त हो
- जिले के विकास की मॉनिटरिंग के लिए रियल टाइम डैशबोर्ड बनाएं
- हमने समृद्ध विदिशा का एक मॉडल बनाया है, यह एक नया आगाज़ है
- अच्छे काम करना ही सच्चा धर्म
- विदिशा से शुरू हुआ ग्रामीण समृद्धि का नया मॉडल, हर परिवार को आजीविका से जोड़ने का संकल्प -शिवराज सिंह चौहान
विदिशा। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा के प्रवास पर रहे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने बाढ़ वाले गणेश मंदिर पहुंचकर भगवान गणेश के दर्शन-पूजन किए। इसके बाद वात्सल्य स्कूल में आयोजित गणेश उत्सव में शामिल हुए और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने लखपति दीदियों से संवाद करते हुए महिलाओं की आजीविका और आय बढ़ाने के प्रयासों पर चर्चा की। वहीं, केंद्रीय मंत्री ने विदिशा में आयोजित जिला समृद्धि मॉडल की बैठक में शामिल होकर जिले को गरीबी मुक्त बनाने और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने की कार्ययोजना पर मंथन किया। इस दौरान युवाओं और महिलाओं को रोजगार से जुड़े कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने के लिए आरसेटी के माध्यम से संचालित प्रशिक्षण गतिविधियों, स्वरोजगार के अवसरों और प्रशिक्षण के बाद बैंक लोन उपलब्ध कराने की पहल की जानकारी दी।
समृद्ध विदिशा मॉडल का शुभारंभ
श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वे सपनों के सौदागर हैं और उनका सपना है कि विदिशा जिले का हर गांव गरीबी मुक्त हो। उन्होंने कहा कि यह तभी संभव होगा, जब हर परिवार के पास आय के दो-तीन साधन हों। इसी संकल्प के साथ विदिशा जिले में ‘समृद्ध विदिशा मॉडल’ का नया प्रयास शुरू किया गया है, जिसके तहत ग्रामीण परिवारों को अलग-अलग आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। छोटे किसानों को आधुनिक कृषि के साथ गाय-भैंस पालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों से जोड़कर कम से कम दो आजीविका के साधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। वहीं, महिलाओं को विभिन्न गतिविधियों से जोड़कर अधिक से अधिक लखपति दीदी बनाने का प्रयास होगा। उन्होंने कहा कि केवल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि किसानों और ग्रामीण परिवारों को एफपीओ के माध्यम से सामूहिक रूप से उत्पाद बेचने, कच्चे उत्पाद की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग से जोड़कर उनकी आय बढ़ाई जाएगी। इसके लिए प्रशिक्षण के साथ बैंक लिंकेज की व्यवस्था भी की जाएगी। श्री चौहान ने कहा कि इस मॉडल को भारत सरकार, राज्य सरकार, जिला प्रशासन, पंचायतों और स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह एक नया आरंभ और नया आगाज है, जिसकी शुरुआत विदिशा से की जा रही है और इस प्रयोग को आगे देश के अन्य क्षेत्रों में भी दोहराने का प्रयास किया जाएगा।
कौशल प्रशिक्षण के बाद बैंक लोन से शुरू होंगे बेटियों के अपने रोजगार, युवाओं को भी आजीविका से जोड़ने का लक्ष्य
श्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘समृद्धि मॉडल, परियोजना प्रारूप, विदिशा जिला’ के विमोचन के अवसर पर कहा कि इस मॉडल के तहत महिलाओं के साथ-साथ युवाओं को भी आजीविका के अवसरों से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि विदिशा जिले में 15 हजार युवाओं को आजीविका और रोजगार से जोड़कर उनका काम-धंधा शुरू कराने का लक्ष्य रखा गया है। आरसेटी के माध्यम से बेटियों और भाई-बहनों को ब्यूटीशियन और सिलाई जैसे रोजगारपरक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। लगभग 30 दिन के प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागियों से उनके रोजगार को लेकर जानकारी ली जा रही है। उन्होंने बताया कि ब्यूटीशियन प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बेटियों में लगभग 70 प्रतिशत ने नौकरी के बजाय स्वयं का काम शुरू करने की इच्छा जताई है। ऐसे युवाओं और महिलाओं को प्रशिक्षण के बाद बैंक लोन उपलब्ध कराने में सहयोग किया जाएगा, ताकि वे अपना स्वयं का रोजगार शुरू कर सकें। उन्होंने कहा कि एक बैच के बाद दूसरा, फिर तीसरा और इसी क्रम में लगातार प्रशिक्षण बैच संचालित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक बेटियों और युवाओं को हुनर से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
