मुंंबई। पिछले साल के मुकाबले लाल मिर्च के दाम में एवरेज 30 परसेंट की बढ़ोतरी हुई है। सीजन में लगातार बारिश की वजह से इसमें से बड़ी मात्रा में फल गिर गए हैं, जिससे आवक धीमी हो गई है। इसलिए, यह पक्का है कि इस साल लाल मिर्च कस्टमर्स को खूब पसंद आएगी। पिछले साल मिर्च की अच्छी फसल होने की वजह से आवक बढ़ी थी।
लगातार सीजऩ में, 'ब्याडगी' मिर्च की कीमत 350 (नंबर एक कमोडिटी) से आगे नहीं गई। लेकिन, अब एवरेज कीमत 30 परसेंट बढ़ गई है। लेकिन, इस साल, खरीफ सीजऩ में जब मिर्च में फूल थे, तब बारिश ने मिर्च की फसल को बहा दिया, जिससे बड़ी मात्रा में फल गिर गए। इस वजह से, पूरे राज्य में 'ब्याडगीÓ समेत सभी तरह की मिर्च की आवक कम हो गई है।
आंध्र प्रदेश, कर्नाटक से आवक
- -कोल्हापुर जिले में लाल मिर्च का सीजऩ आमतौर पर जनवरी से मई तक रहता है।
- -इस दौरान बड़ी मात्रा में मिर्च खरीदी जाती है।
- -मिर्च आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना और गुजरात से आती है। फिर भी, गुजरात से बहुत कम मात्रा में आवक होती है।
मिर्च के दाम (प्रति किलो)
- ब्याडगी: 300 से 600
- संकेश्वरी जवारी (ओरिजिनल): 1100 से 1200
- तेजा: 250 से 350
- गुंटूर: 300 से 350
- सिजेंटा: 400 से 500
- गरुड़: 250 से 400
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