गर्मी में मूंग की खेती: कम पानी में ज्यादा मुनाफा


-सूखा सहनशील फसल बन रही किसानों की पहली पसंद

रायपुर। तेज गर्मी और पानी की कमी के चलते किसान अब ऐसी फसलों की ओर बढ़ रहे हैं जो कम संसाधनों में भी अच्छी पैदावार दे सकें। मूंग की फसल इसी दिशा में एक बेहतर विकल्प बनकर सामने आई है। गर्मी के मौसम में जल संकट किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में मूंग की फसल कम पानी में अच्छी पैदावार देने के कारण काफी लोकप्रिय हो रही है। मूंग एक दलहनी फसल है, जो लगभग 60 से 65 दिनों में तैयार हो जाती है। इसे ज्यादा सिंचाई की जरूरत नहीं होती, जिससे पानी की बचत होती है। 


इसके अलावा, मूंग मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाती है, जिससे जमीन की उर्वरता सुधरती है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मूंग की खेती करने से किसान कम लागत में अच्छा लाभ कमा सकते हैं। साथ ही, बाजार में इसकी मांग हमेशा बनी रहती है, जिससे उचित मूल्य मिलना आसान होता है। सरकार भी दलहनी फसलों को बढ़ावा देने के लिए किसानों को बीज और तकनीकी सहायता प्रदान कर रही है।


मूंग फसल की प्रमुख विशेषताएं:


  • -कम पानी में आसानी से उगती है
  • -60-65 दिनों में तैयार
  • -मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती है
  • -कम लागत, अधिक लाभ
  • -बाजार में अच्छी मांग


 विशेषज्ञ की राय: कृषि विशेषज्ञों के अनुसार मूंग की खेती किसानों के लिए एक टिकाऊ और लाभकारी विकल्प है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां पानी की कमी है।

निष्कर्ष: गर्मी के मौसम में मूंग की फसल किसानों के लिए एक समझदारी भरा विकल्प साबित हो रही है। सही तकनीक और समय पर खेती करने से किसान कम संसाधनों में भी बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं।

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