इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए राज्यपाल और मुख्यमंत्री; 1880 छात्र-छात्राओं को मिली उपाधि
रायपुर । छत्तीसगढ़ की लगभग 80 प्रतिशत अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है, लेकिन लगातार संकुचित होती भूमि के बीच कम जमीन में अधिक उत्पादन करना आज की सबसे बड़ी चुनौती है। राज्य के तेजी से आर्थिक विकास के लिए कृषि क्षेत्र में 'वैल्यू एडिशन' (मूल्य संवर्धन) आधारित उत्पादन समय की मांग है। यह बात राज्यपाल एवं कुलाधिपति रमेन डेका ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के 11वें भव्य दीक्षांत समारोह में कही। इस गरिमामय समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। विशिष्ट अतिथि के रूप में राज्य के कृषि मंत्री राम विचार नेताम और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) नई दिल्ली के पूर्व निदेशक व प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार सिंह उपस्थित थे।
उपाधि और मेधावी छात्र वितरण
विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में उत्तीर्ण कुल 1880 विद्यार्थियों को इस समारोह में डिग्रियां और पदक सौंपे गए:
कुल स्वर्ण पदक (Gold Medals): 13 मेधावी छात्रों को।
रजत पदक (Silver Medals): 07 छात्रों को।
कांस्य पदक (Bronze Medals): 02 छात्रों को।
पीएच.डी. (Ph.D.) उपाधि: 128 शोधार्थियों को।
स्नातकोत्तर (Post Graduate) उपाधि: 518 विद्यार्थियों को।
स्नातक (Graduate) उपाधि: 1234 विद्यार्थियों को।
राज्यपाल रमेन डेका का मार्गदर्शन
तकनीकी से बदलेगी खेती: कृषि अब पारंपरिक नहीं रही, बल्कि यह विज्ञान, नवाचार और उद्यमिता से संचालित हो रही है। खेती में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन, सैटेलाइट मैपिंग और डेटा एनालिसिस का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।धान के कटोरे में बासमती का तड़का: छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, लेकिन अब किसानों को बासमती जैसे उच्च गुणवत्ता वाले धान के उत्पादन पर भी ध्यान देना चाहिए ताकि कॉर्पोरेट कंपनियां आसानी से खरीद सकें और किसानों को बेहतर लाभ मिले।
भविष्य की खेती: राज्य में हाइड्रोपोनिक्स और प्राकृतिक खेती (Natural Farming) के लिए बड़ी संभावनाएं हैं। यहाँ की भूमि और जल संरचना कृषि के लिए बेहद अनुकूल है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का वक्तव्य
मजबूत होती किसानों की स्थिति: राज्य सरकार किसानों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। धान के साथ-साथ दलहन, तिलहन, फल-सब्जी और मोटे अनाजों (Millets) के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
कल्याणकारी योजनाएं: किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, सिंचाई परियोजनाओं के विस्तार, आधुनिक कृषि उपकरणों की उपलब्धता और मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं से सीधा लाभ मिल रहा है।
युवाओं से अपील: मुख्यमंत्री ने डिग्री प्राप्त छात्रों से आह्वान किया कि वे ड्रोन, एआई और डिजिटल तकनीकों को खेतों से जोड़कर किसानों और वैज्ञानिकों के बीच एक मजबूत सेतु (कड़ी) के रूप में काम करें।
कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के विचार
नवाचार की अपार संभावनाएं: छत्तीसगढ़ सुगंधित धान की किस्मों के लिए जाना जाता है। यहाँ फल, फूल और मसालों की खेती की अपार संभावनाएं हैं। विद्यार्थियों के ज्ञान और शोध का लाभ आने वाले समय में सीधे तौर पर छत्तीसगढ़ को मिलेगा।
