इंदौर। हलकी और मीडियम क्वालिटी की उड़द की आवक पिछले कुछ दिनों से बढ़ने के कारण कीमतों में कुछ कमी आई है। हालांकि बेस्ट क्वालिटी के दामों में ज्यादा मंदी की संभावना कम हैं। दरअसल, दिल्ली, चेन्नई सहित प्रमुख वितरण केंद्रों में हाजिर स्टॉक सीमित है। अधिकांश मिलों के पास पर्याप्त तैयार स्टॉक नहीं है जो कंटेनर आयात होकर आ रहे हैं, उनका माल सीधे मिलों में खप रहा है। खुले बाजार में उड़द की उपलब्धता कम बनी हुई है। दूसरी ओर विदेशों से उड़द की खरीद पहले की तुलना में महंगी है। रंगून (म्यांमार) में एफएक्यू और एसक्यू क्वालिटी के दाम हाल में बढ़ गए हैं। डॉलर आधारित कीमतों में भी हल्की मजबूती दर्ज हुई है। ऐसे में बाजार ज्यादा घटने की गुंजाइश नहीं है।
व्यापारियों का कहना है कि अगस्त से सितंबर तक दाल मिलों की मांग मजबूत रहने की संभावना है। उड़द धुली दाल, छिलका और धोया (धोई हुई) उड़द की खपत अच्छी है। मिलों द्वारा नियमित खरीद बाजार को सहारा दे रही है। नई उड़द की फसल आने में अभी लगभग दो महीने का समय है। तब तक पुराना स्टॉक ही बाजार की जरूरत पूरी करेगा। सीमित उपलब्धता के कारण निकट अवधि में सप्लाई टाइट रह सकती है। राजस्थान में उड़द की बोवनी पिछले साल से अधिक है। मध्यप्रदेश में किसानों ने सोयाबीन का रकबा अधिक बढ़ाया है। कुछ क्षेत्रों में किसान सब्जियों की ओर भी शिफ्ट हुए हैं। अनुकूल मौसम के कारण उत्पादन बेहतर रहने की संभावना है, लेकिन यह नई फसल आने के बाद ही प्रभाव डालेगा। वर्तमान में सीमित स्टॉक और मिलों की मांग के कारण बाजार मजबूत रहने की संभावना है। यदि आयात लागत ऊंची बनी रहती है, तो तेजी को और समर्थन मिल सकता है। अक्टूबर के आसपास नई आवक बढ़ने पर बाजार की तेजी सीमित हो सकती है। यदि उत्पादन अनुमान अपेक्षा से अधिक रहा, तो भावों पर दबाव बन सकता है।
एक व्यापारी का कहना है कि म्यांमार से आयात तेजी से बढ़ता है, तो घरेलू कीमतों पर दबाव आ सकता है। नई फसल का वास्तविक उत्पादन अनुमान से अधिक निकलने पर तेजी सीमित हो सकती है। सरकारी आयात नीति में बदलाव भी बाजार की दिशा प्रभावित कर सकता है।
चने कांटे में मांग धीरे-धीरे जोर पकड़ रही है जबकि आवक का प्रेशर कम है जिससे चने की कीमतें मजबूती पर टिकी हुई है। चना दाल में भी मांग जोरदार रहने से 50 रुपये की तेजी दर्ज की गई। काबुली चने में लोकल मांग के साथ ही निर्यातकों की सीमित पूछताछ रहने से कीमतें मजबूत बोली जा रही है। काबुली चना करीब 50 रुपये तक उछल गया। आवक 1200 बोरी के करीब रही।
कंटेनर में नया काबुली (डॉलर) चना 42/44 10050, 44/46 9750, 50/52 8850, 58/60 7900, 60/62 7700 रुपये क्विंटल भाव रहे।
दलहन- चना कांटा 6600-6700, विशाल चना 6500-6550, काबुली डॉलर 7500-8900, काबुली रशियन 6200-6400, बिटकी 5500-5700, मसूर 6000, तुवर महाराष्ट्र सफेद 7700-7900, महाराष्ट्र लाल 8000-8200, कर्नाटक नई 8100-8300 निमाड़ी तुवर 6500-7600, मूंग बेस्ट गर्मी 7000-7300, बेस्ट 7500-7600, मीडियम 7200-7500, मोगर 5500-6500, उड़द बोल्ड 9300-9500, उड़द गर्मी 8600-9300, ग्रेविटी क्लीन 9700-10000, हलका 4000-6000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव बताए गए।
दालों के दाम- चना दाल 7450-7550, मीडियम 7850-7950, बेस्ट 8050-8350, मसूर दाल 7550-7650, बेस्ट 7750-7850, मूंग दाल 8800-8900, बेस्ट 9000-9100 मूंग मोगर 10800-10900, बेस्ट 11000-11100, तुवर दाल 7100-7200, मीडियम 8100-8400, बेस्ट 9500-9800, ए.बेस्ट 10600-10700, ब्रांडेड व्हाइटरोज तुवर दाल 122़00, उड़द दाल 10700-10800, बेस्ट 10900-11000, उड़द मोगर 11500-11800 बेस्ट 11900-12200 रुपये प्रति क्विंटल के भाव बोले गए।
इंदौर चावल भाव- दयालदास अजीतकुमार छावनी के अनुसार बासमती (921) 12000-13000, तिबार 10500-11500, बासमती दुबार पोनिया 9500-10000, मिनी दुबार 8000-8500, मोगरा 5000-7000, बासमती सेला 7500-9500 कालीमूंछ डिनरकिंग 9000, राजभोग 7500, दुबराज 4500-5500, परमल 3400-3500, हंसा सेला 3500-3700, हंसा सफेद 2900-3100, पोहा 4500-5100 रुपये प्रति क्विंटल।
